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संघ साधना



Sanghsadhna



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इस्राइल से सीखे भारत |

Mon, 03 Oct 2011 14:24:00 +0000

इस दुनिया में इस्राइल का नाम कौन नही जानता | इस्राइल अपनी कथनी को करनी में बदलता ही नही हैं वरन अपने फैसले के प्रति पूरा देश दृढ़ संकल्प रहता है अभी हाल ही में 27/12/2008 को इस्राइल में 70 रॉकेट फिलिस्तीन के आतंकवादी संगठन हमास के द्वारा दागा गया, जिससे भारी नुक्सान हुआ और इस घटना के तुंरत बाद इस्राइल के विभिन्न राजनैतिक डालो के नेता संसद में एकमत होकर बहुत ही आक्रामक तरीके से विरोध किया और तुंरत जवाबी कारवाई करने को इस्राइली वायु सेना को निर्देश दिया गया | आदेश मिलते ही इस्राइली वायु सेना ने गाजा में दनादन हवाई हमला किया और अब तक लगभग 772 लोगो की जाने जा चुकी है जिसमे हमास के कई बड़े नेता भी शामिल है | उधर इस्राइल की इस कारवाई के बाद पूरा विश्व समुदाय सकते में है | इरान एवं अरब समूह के कई देश इस हवाई हमला को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् पर लगातार दबाव bana रहे है कुछ युरोपिय देश जैसे फ्रांस एवं चीन ने भी इस हवाई हमला को रोकने के लिए कहा मगर हवाई हमला को बंद करने के बजाय जमीनी युद्ध की कारवाई करने को इस्राइल ने कहकर इन सभी देशो की पश्चिम एशिया में शान्ति की अपील खारिज कर दी इस्राइल के रक्षा मंत्री ने बड़े स्पष्ट शब्दों में फिलिस्तीन एवं विश्व समुदाय से कहा की वह गाजा पर हमला तभी रोकेगा जब हमास, इस्राइल पर हमला ना करने की शर्त रखे | यहाँ आपको यह बताते चले की, इस्राइल और भारत में काफी समानताये है | जैसे इस्राइल भी दुनिया का एकमात्र देश है, जो चारो तरफ़ अपने दुश्मनों (इस्लामिक देशो) से घिरा है, और भारत के भी चारो दिशाओ में दुश्मन राष्ट्र जैसे (पकिस्तान, चीन, बांग्लादेश) देशो से घिरा है | मगर राष्ट्र के प्रति तन-मन-धन से उसका विकास एवं रक्षा करना भारत की अपेक्षा इस्राइल के लोगो में ज्यादा है | इस्राइल और भारत दोनों में प्रायोजित आतंकवाद (जिहाद) विगत कई वर्षो से चल रहा है, लेक[...]



इंडोनेशिया के हिन्दू इतिहास में जुड़ा नया अध्याय

Mon, 03 Oct 2011 14:19:00 +0000

पूवी ईशांत देश इंडोनेशिया आज एक ईस्लामिक देश है और यहाँ मुस्लिम जनसंख्या सर्वाधिक है, परंतु इस देश का इतिहास भी हिन्दू धर्म की गौरवगाथा का प्रमाण पेश करता है. और अब खुदाई के दौरान दिखे एक अति प्राचीन मंदिर के अवशेष इस देश के हिन्दू इतिहास में कई नए तथ्य जोड़ सकता है. इंडोनेशिया के योगकर्ता शहर के ईस्लामिक विश्वविद्यालय में नए पुस्तकालय की नीवं डालने के लिए खुदाई शुरू की गई तो पता चला कि वहाँ की जमीन स्थिर नहीं है. मजदूरों ने सावधानीपूर्वक और अधिक खुदाई की तो एक प्राचीन मंदिर की दिवारें दिखाई दी. इसके बाद तेज वर्षा की वजह से मंदिर की पृष्ठभूमि और गर्भगृह दिखाई दिया जहाँ भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित थी. इसके बाद इस स्थान का कब्जा इंडोनेशिया के पुरातत्व विभाग ने ले लिया. कुछ सप्ताह की खुदाई के बाद पता चला है कि यह मंदिर करीब 1000 वर्ष पुराना है. अब पुरातत्व विभाग ने इसे अमूल्य धरोहर घोषित कर दिया है. पुरातत्व विभाग का मानना है कि यह मंदिर इंडोनेशिया में ईस्लाम के प्रवेश से पहले की संस्कृति के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कर सकता है. क्यों है यह मंदिर महत्वपूर्ण? अभी तक इंडोनेशिया में खुदाई के दौरान कोई साबुत मंदिर नहीं मिला था. लेकिन यह पहला मंदिर है जो अपनी वास्तविक स्थिति में है. पुरातत्व विभाग के डॉ. बुद्धि सानकोयो के अनुसार यह एक महत्वपूर्ण खोज है क्योंकि यह मंदिर अभी भी अपनी मूल स्थिति में है और सभी मूर्तियाँ भी अपने मूल स्थान पर है. अब इस स्थान पर गणेश की मूर्ति के अलावा शिवलिंग, नंदी गाय और कई अन्य मूर्तियाँ भी मिली है. डॉ. बुद्धि का मानना है कि 10वीं सदी में किसी ज्वालामुखी के फटने से यह मंदिर उसके लावा में दब गया होगा और उसी लावा की वजह से इतने वर्षों के बाद भी सुरक्षित रह पाया होगा. अभी इस मंदिर की खुदाई और सरंक्षण का कार्य चल रहा है और बा[...]



हिंदू नहीं हैं, तो भारतीय नहीं हो सकते: भागवत

Mon, 03 Oct 2011 14:14:00 +0000

भोपाल।। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि जो लोग भारतीय हैं वे हिंदू हैं और अगर कोई व्यक्ति हिंदू नहीं है तो वह भारतीय भी नहीं हो सकता। भारत केवल उसी हालत में तरक्की कर सकता है, जब हिंदुत्व के रास्ते पर चले। यहां संघ के हिंदू समागम कार्यक्रम के अवसर पर भागवत ने कहा कि हमारे लिए हिंदू शब्द का अर्थ किसी धर्म विशेष से नहीं बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति से है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने अपनी स्पीच में चाणक्य को उद्धृत किया था लेकिन वह पूरी तरह संदर्भ से परे था। चाणक्य ने जो कहा वह उस समय के लिए सही था लेकिन आज के भारत के लिए नहीं। आरएसएस प्रमुख ने अमेरिका और चीन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे कई तरीके से भारत के हितों पर चोट पहुंचा रहे हैं। भागवत ने कहा कि एक तरफ जहां चीन घेराबंदी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की हरकतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। यह सब भारत की दोषपूर्ण नीतियों के कारण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत को पाक की हरकतों से सीख लेनी होगी। भारत का बंटवारा सिर्फ शांति के लिए किया गया था, मगर आज वही देश हमारी शांति में खलल पैदा कर रहा है। दुनिया में आज एकाधिकारवाद का दौर चल रहा है। अमेरिका पूरी दुनिया में अपना अधिकार तंत्र फैलाना चाहता है। वह यूरेनियम और बेकार दवाइयां भारत में खपा रहा है और नहीं चाहता कि उसकी बराबरी पर कोई दूसरा देश खड़ा हो।

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परिवारोमें संस्कृत पढ़ना अब आवश्यक हो गया है - श्री. शरद मुन्धडा

Mon, 03 Oct 2011 13:52:00 +0000

02.1.2011: जोधपुर में रविवार को हुए संस्कृत संमेलन में उद्घाटक के रूप में उपस्थित श्री. शरद मुन्धडा ने यह मार्के की बात कही. परिवारोंमे संस्कारोंके ह्रास के कारण चिंतित अभिभावाकोंका प्रतिनिधित्व करने वाले शरदजी ने जोर देते हुए कहा की यदि संस्कृत घरोंमे बोली जाने लगेगी तो भारतीय संस्करोंकी पुनर्स्थापना संभव होगी.j                श्री. शरतजी की ही बातों को बल देते हुए संस्कृत भारती के महामन्त्री ने कहाँ कि संस्कृत भाषा पढ़नेसे न केवल संस्करोंका पुनरज्जीवन होगा अपितु ज्ञान भण्डार के द्वार खुल जाएंगे, कारण संस्कृत केवल भाषा नही तो ज्ञानदायिनी है. राष्ट्रिय पाण्डुलिपि mission एक केन्द्र सरकारकी संस्था है. उसके अनुसार भारतमे ४८०० स्थानोंपर पाण्डुलिपियाँ संग्रहित है. कुछ विदेशों मे सुरक्षित है. उन सबको मिलाकर गंथोंकी संख्या कुछ लाख हो जाती है. इस ज्ञानको बाहर निकालनेके लिए  सबको संस्कृत सीखनी पडेगी और जीवन को इसी कार्यमे खपाना पडेगा. जीवनका सबसे महत्वपूर्ण काल ( prime time ) इसीमे लगाना पडेगा.             कार्यक्रमके अध्यक्ष प्राध्यापक सत्यप्रकाश दुबे - जो जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष है, ने कहा की संस्कृत को लोक भाषा बनाने के लिए ही संस्कृत भारती काम कर रही है. उन्होंने इस वर्ष से आरम्भ हो रही 'सरला संस्कृत परीक्षा' के पाठ्यपुस्तक का लोकार्पण किया. यह परीक्षा अखिल भारतीय स्तर पर हो रही है. जोधपुर क्षेत्र मे १० ओक्टूबर यह आवेदन करनेकी अन्तिम तिथि है. १९ नोवेम्बेर को परीक्षा ली जायेगी. परीक्षा त्रिस्तरीय होगी. पहला स्तर माध्यम[...]



पाकिस्तान में हिंदू व्यापारी की हत्या

Mon, 05 Sep 2011 20:17:00 +0000

इस्लामाबाद।। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक हिंदू व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

समाचार पत्र 'डेली टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक प्रांत की तहसील हुब में हमलावर गोली मारने के बाद घटनास्थल से फरार हो गया। पुलिस ने शव को उनके परिजनों को सौंप दिया है। इसके बाद हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में टायर जलाया गया और क्वेटा-कराची हाईवे को बंद कर हमलावर की गिरफ्तारी की मांग की गई। 

 साभार - नवभारतटाइम
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भारत की भौतिक उन्नति का मार्ग

Sun, 06 Mar 2011 11:33:00 +0000

भारत के सामने हमारे पूर्व राष्ष्ट्रपति श्री. अब्दुल कलाम ने 2020 तक विश्व की आर्थिक एवं सामरिकमहाशक्ति बनने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने की क्षमता केवल आनेवाली पीढ़ी में है ऐसामानकर वे बाल एवं युवकों को श्शिक्षा संस्थानों में जाकर प्रोत्साहित कर रहे हैं। किन्तु इस तरूणाई को सामुहिकरीति से किस मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए इस विष्षय में पर्याप्त मार्गदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। शासन में बैठाराजकीय दल या विपक्ष दोनों केवल आनेवाले चुनाव तक की सोच रखते हैं। तात्कालिक सोच के श्शिकारनौकरशाह केवल अपने कार्यकाल को चमकाने और उस आधार पर उँचा पद प्राप्त करने के जुगाड में लगे रहतेहैं। यही कारण है कि लगभग दो लाख किसानों द्वारा आत्महत्या करने पर भी देश के नीति निर्धारकों एवंयोजनाओं को क्रियान्वित करने वाले तन्त्रा की नींद टूटी नहीं है। ऐसे में समाज के सभी घटकों को इस लक्ष्यकी प्राप्ति हेतु मार्ग निर्धारण के लिए आगे आना चाहिए।विकसित देशों की कहानी-विश्व के वर्तमान परिदृश्य पर दृष्टि डालें तो विश्व के 204 देशों को सामान्यतः तीन श्रेणियों मेंविभाजित किया गया है। प्रथम श्रेणी का नाम है ‘ विकसित ’ दूसरी का ‘ विकसनशील ’ एवं तीसरी का ‘अविकसित ’ रखा गया है। भारत विकसनशील देश्शों की श्रेणी में आता है। विकसित देशों की श्रेणी के अन्तर्गतएक छोटा गट बना है, जिसका नाम है G8। ये आठ देश सर्वाधिक प्रगत देश माने जाते है। इनके नाम है-अमेरिका, कैनडा, ब्रिटेन, फ्रान्स, जर्मनी, इटली, रशिया और जापान। इन देशों ने विज्ञान और तन्त्राज्ञान के आधार पर प्रगति की है। ये देश विश्व की मण्डी में नये-नये उत्पाद या तकनीक को बेचकर धनार्जन करते हैं।उदाहरण के लिए1. अमेरिका में सगणक का निर्माण हुआ। उसे चलाने के लिए मॅक्रोसॉफ्ट ने [...]



आजादी के बाद पहली बार संघ ने बदला ड्रेस कोड

Sun, 06 Feb 2011 12:30:00 +0000

नई दिल्ली।। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने कार्यकर्ताओं के ड्रेस कोड में 64 साल बाद कुछ बदलाव करते हुए चमडे़ की जगह साधारण बेल्ट को अपनाने का फैसला किया है लेकिन खाकी निक्कर को पैंट में बदलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉक्टर मनमोहन वैद्य ने बताया कि बदलाव इस साल मई-जून में संघ शिक्षा वर्ग के आयोजन से लागू होंगे। चमड़े की जगह साधारण बेल्ट के साथ उसका बकल भी अब तांबे की बजाय स्टील का होगा। यह पूछे जाने पर कि संघ ने बेल्ट के अलावा यूनिफॉर्म में क्या कोई और बदलाव भी किया है? जैसे क्या हाफ पैंट की बजाय फुल पैंट पहनने की अनुमति होगी, जिसकी काफी समय से कुछ कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं, वैद्य ने कहा कि बेल्ट के अलावा कोई और बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक संघ के लोग चमड़े की जो बेल्ट लगाते थे, उन्हें खासतौर पर कानपुर की उन टेनरियों से लिया जाता था जहां मारे गए जानवरों की खाल का प्रयोग नहीं होता है। उन्होंने कहा कि संघ ने हमेशा यह शर्त रखी कि उसे सप्लाई की जाने वाली बेल्ट मारे गए जानवरों की खाल से नहीं बनी होनी चाहिए। चमड़े की बजाय कृत्रिम पदार्थ की बेल्ट के बदलाव का कारण पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि कुछ सदस्यों, विशेषत: जैन समुदाय के लोगों को चमड़े की बेल्ट पर आपत्ति थी। वे इसे पहनने में असहज महसूस करते थे, भले ही ये बेल्ट मारे गए जानवरों की खाल से नहीं बनी होती थीं। संघ के मंचों से ऐसे सदस्यों की ओर से अक्सर आग्रह होता था कि चमड़े की बेल्ट की जगह कृत्रिम पदार्थ की बेल्ट ली जाए। संघ के ड्रेस कोड में सबसे पहला बदलाव 1940 में किया गया था। वैद्य ने बताया कि ब्रिटिश काल में हाफ पैंट और कमीज दोनों खाकी रंग की हुआ करती थीं और कमीज पर आरएसएस अंकित तांबे क[...]



1188 लोगो का हिन्दू धर्मं में वापसी

Wed, 19 Jan 2011 12:00:00 +0000

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राउलकेला के सापलता गाँव में धर्मं रक्षा संयुक्त संघर्ष समिति के २५० परिवारों के ११८८ लोगो को हिन्दू धर्मं में पुनः वापसी कराई
साभार - प्रभात खबर
अंक - १७ जनवरी २०११, राउलकेला(image)



देश में 20 प्रतिशत से ज्‍यादा मुसलमान तो अल्‍पसंख्‍यक कैसे - स्‍वामी चिन्‍मयानंद (भाग १)

Mon, 17 Jan 2011 12:20:00 +0000

श्री हनुमत शक्ति जागरण समिति, झारखंड के बैनर तले हनुमंत जागरण यज्ञ का जमशेदपुर के एग्रिको में आयोजित किया गया। परम पूज्‍य स्‍वामी चिन्‍मयानंद जी महाराज का बौद्धिक उन्‍हीं के शब्‍दों में हूबहू मैं 36 घंटे की यात्रा कर यहां आया हूं और आप मेरा इतना भी आदर नहीं करेंगे इतनी दूर बैठेंगे। आइये सभी लोग आगे आकर बैठे हां अब ठीक लगा की हिंदू समाज में भी संगठन की शक्ति है। अभी हम अपने एक बुजूर्ग की बात सून रहे थे 81 साल की उम्र में उनका दर्द समझा जा सकता है । वे बटवारें के पहले भारत के उस हिस्‍से में थे जिसे पाकिस्‍तान कहा जाता है। और वो किन परिस्थितियों में यहां पहुंचे वो दर्द आज भी उनके दिल में मौजूद है। हम उसी दर्द का शिकार आगे ना हो इसकी चिंता करने की आवश्‍यकता है। आज जब मैं आसनसोल से चला और झारखंड की सीमा में प्रवेश किया और तमाम अभयारंण्य रास्‍ते में मिले, और उन सभी जगहों में देखा लम्‍बी लम्‍बी कतारे लगी है कारों की मैने पूछा क्‍या हो रहा है भाई इतनी बड़ी संख्‍या में गाड़ियां, कारें क्‍यों ख‍ड़ी हैं। जवाब मिला लोग पिकनीक के लिए आये है, मौज मस्‍ती के लिए आये हैं। हर रविवार हमारा मौज मस्‍ती में बितता है। लेकिन ये मौज मस्‍ती कितने दिन ? आप जानते हैं ? जब इस देश में एनडीए सरकार थी, और मैं केंद्र में गृह राज्‍यमंत्री था उस समय इस देश में 8 राज्‍यों के 55 जिलों में नक्‍सली गतिविधियां थी। लेकिन आज मौज मस्‍ती का नतीजा है कि वो 23 राज्‍यों के 229 जिलों में पहुंच चुका है। आज नेपाल से लेकर कर्नाटक तक रेड कॉरिडोर बन गया है। अंदर बाहर दो ओर से असुरक्षित होता जा रहा है। और आतंक की हर आंधी आतंक का हर तुफान अगर किसी को नुकसान पहुंचाता है तो हिंदु को पहुंचाता है हिंदु गरीबों को नुकसान पहुंचाता है हिंदु साधा[...]



दिग्विजय सिंह पहले बताओ क्या तुम हिन्दू हो

Mon, 10 Jan 2011 13:36:00 +0000

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का संघ के बारे में एक आलेख राष्ट्रीय सहारा के 25 दिसम्बर के अंक से लिया गया हैं. जिसमे संघ को एक बड़ा खतरा कहा गया हैं. संघ के बारे में ऐसी बाते तो वो बोल देते हैं लेकिन क्या इंडियन मुजाहिदीन या सिमी के बारे में उनका ऐसा विचार हो सकता हैं. नहीं- क्योकि अगर कांग्रेस चुनाव जीतती हैं तो इन संगठनों के मदद से इसकी भी जाँच होनी चाहिए. सीबीआई कांग्रेस के लिए काम करती हैं. लेकिन सब जानकार भी चुप हैं. इस लेख के बारे में अपने विचार जरुर दे संघ सबसे बड़ा खतरादिग्विजय सिंह, महासचिव कांग्रेस महाधिवेशन में संघ परिवार को निशाना बनाने के क्या मायने हैं जबकि साल 2011 के चुनाव में आपको पश्चिम बंगाल और केरल में वामदलों से भिड़ना है, उसके बाद उप्र में बसपा से मुकाबला होना है? कांग्रेस के लिए सिर्फ चुनाव ही सब कुछ नहीं है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा भी है कि कांग्रेस को सिर्फ चुनाव लड़ने की बड़ी मशीन भर नहीं बने रहना है। कांग्रेस के सामने वामपंथियों की भी चुनौती है और क्षेत्रीय दलों की भी चुनौती है। पर इससे कहीं ज्यादा बड़ी चुनौती संघ परिवार और भाजपा की हिंसा और नफरत फैलाकर देश और समाज को बांटने में लगी विचारधारा से है। संघ परिवार अपने शिशु मंदिरों के जरिये बच्चों को गुमराह कर रहा है और उसने नौकरशाही, पुलिस, खुफिया तंत्र और सेना तक में अपनी पैठ बना ली है। मालेगांव धमाके में सेना के दो अफसरों को धरा गया है, यह किसी से नहीं छिपा। संघ परिवार और भारत देश की एकता के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। इसलिए महाधिवेशन में उनसे सावधान रहने को कहा गया। आरएसएस को आपने एक तरह से आतंकी संगठनों के बराबर खड़ा करने की कोशिश की; आपकी बड़ी आलोचना हो रही है कि इससे पाकिस[...]



विश्व संस्कृत पुस्तक मेले में विज्ञान, महिला एंव शिक्षा की गोष्ठियों का आयोजन

Sun, 09 Jan 2011 12:09:00 +0000

आज दिनांक 8.1.11 को बेंगलुरु में आयोजित विश्व संस्कृत पुस्तक मेले के अन्तर्गत विभिन्न विषयों पर गोष्ठियों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में देशभर से आये विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। इन गोष्ठियों में सर्वप्रथम महिला गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें ‘संस्कृत और संस्कृति में महिलाओं के योगदान और उत्तरदायित्व’ इस विषय पर विभिन्न विदुषियों ने अपने विचार रखे। इनमें प्रमुख थीं उत्तराखण्ड के संस्कृत विश्वविद्यालय की उपकुलपति डा. सुधा रानी पाण्डेय, पुणे से डा. सरोजा भाटे, प्रख्यात व्याकरणविद् डा. पुष्पा दीक्षित, राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन की निदेशिका डा. दीप्ति त्रिपाठी, मध्यप्रदेश की माध्यमिकशिक्षामंत्री श्रीमती अर्चना चिटणीस। गोष्ठी में प्रमुख रूप से सभी प्रतिनिधियों ने समाज में संस्कृत भाषा के महत्व और उसकी आवश्यकता पर बल देते हुए संस्कृत को एक सर्वांगीण और जनमानस की भाषा बनाने पर जोर दिया। डा. सुधारानी पाण्डे के अनुसार वैदिक युग से ही संस्कृत की सेवा में महिलाएं निरत रही हैं जिसके लिए उन्होंने विभिन्न वैदिक सूक्तों का उदाहरण दिया। डा. पुष्पा दीक्षित ने कहा ‘संस्कृत शिक्षा, विशेषकर व्याकरण के ज्ञान लिये, पाणिनीय विज्ञान को अपनाएं। क्यूंकि इस पद्धति से अत्यन्त अल्प समय में संस्कृत के व्याकरण को समझा जा सकता है।’ मध्यप्रदेश की माध्यमिकशिक्षामंत्री श्रीमती अर्चना चिटणीस ने अपने सीमित संस्कृत ज्ञान पर टिप्पणी करते हुए घोषणा की कि वे वापस जा कर विधिवत् संस्कृत शिक्षा अवश्य लेगीं। ‘समायिक विज्ञान में संस्कृत का महत्व’ विषय पर एक अन्य महत्वपूर्ण गोष्ठी में कर्णाटक राज्य के सांस्कृतिक निदेशक श्री मनु बलिगार, प्रख्यात वैज्[...]



संस्कृत के गौरव से अभिभूत अनिल कुम्बले

Sun, 09 Jan 2011 12:01:00 +0000

आज दिनांक 6.1.11 को प्रख्यात क्रिकेट खिलाड़ी अनिल कुम्बले ने बसवनगुड़ी, बेंगलुरू में आयोजित विश्व संस्कृत पुस्तक मेला के अन्तर्गत आयोजित ‘ज्ञानगंगा’ नामक पुस्तक प्रदर्शिनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ राज्य के शिक्षा मंत्राी विश्वेश्वर हेगडे, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी भी उपस्थित थे। अपने उद्घाटन भाषण में अनिल कुम्बले ने संस्कृत की गरिमा के प्रति अपना लगाव व्यक्त करते हुए कहा ‘संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि सभी भाषाओं का मूल आधार है। अपने सीमित संस्कृत ज्ञान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वे संस्कृत को ठीक ढंग से सीखना चाहते हैं ताकि अगली बार अपना भाषण संस्कृत में कर सकें। उपरोक्त अवसर पर राज्य के शिक्षा मंत्राी विश्वेश्वर हेगडे ने संस्कृत ग्राम का उद्घाटन करते हुए उद्घाटन भाषण में प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक परम्परा के सम्बन्ध में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा ‘हमारे ऋषिमुनियों का प्राचीन वैज्ञानिक योगदान आजकल के विज्ञान से कम नहीं है। इस तरह की प्रदर्शनी भारत के गांव-गांव में हो जिससे युवा पीढ़ी इसके महत्त्व को समझते हुए संस्कृत के प्रचार और प्रसार में लगे। संस्कृत केवल कुछ ही लोगों की भाषा नहीं है, बल्कि वह एक संस्कृति है जो सभी भारतियों में दिखाई देती है।’ इस अवसर पर उन्होंने कर्णाटक सरकार द्वारासंस्कृतविश्वविद्यालय की स्थापना की जानकारी देते हुए कहा कि ‘इस संस्कृत मेले का संदेश देश प्रत्येक विद्यालय और शिक्षण संस्थानों में पहुॅंचना चाहिए, जिससे जो संस्कृत की निंदा करते हैं उन्हें सही उत्तर मिले।’उपरोक्त अवसर मुख्य अतिथि के रूप में पधारे भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वा[...]



एशियाड में कश्मीर बन गया चीन का हिस्सा

Wed, 17 Nov 2010 12:31:00 +0000

मुकेश शर्मा (बीबीसी संवाददाता, ग्वांगजो से) ग्वांग्जो के मुख्य प्रेस सेंटर में चीन और उसके आस-पास के इलाक़ों का एक मानचित्र लगा हुआ है.उसके सामने से गुज़रते हुए नज़र अनायास ही भारत के हिस्से की ओर गई तो देखा कि उस क्षेत्र में एक सफ़ेद अलग सा हिस्सा बना है. पास जाकर देखने पर पता चला कि कश्मीर के पूरे हिस्से को सफ़ेद रंग में दिखाया गया था जो कि भारत और पाकिस्तान दोनों से अलग है.मगर उस कश्मीर को ध्यान से देखिए और भारत में मिलने वाले भारतीय मानचित्र से उसकी तुलना करिए तो देखेंगे कि कश्मीर के ऊपर का दाहिनी ओर का हिस्सा यहाँ चीन के हिस्से के रूप में दिखाया गया है. यानी अकसाई चिन का हिस्सा चीन ने इस मानचित्र में चीन के हिस्से के रूप में ही दिखाया है.चीन ने भारतीय कश्मीर के लोगों को पिछले दिनों वीज़ा स्टेपल करके दिया था जिस पर भारतीय सरकार ने आपत्ति भी की है मगर ये मानचित्र भी दिखाता है कि चीन पर कोई फ़र्क नहीं पड़ता और खेलों के दौरान भी उसकी राजनीति की बुनियादी सोच सामने है.भारतीय समर्थकखेलों में राजनीति का एक और उदाहरण भारत और जापान की महिलाओं की टीम के हॉकी मैच के दौरान दिखा. जिन जगहों पर चीन की टीम शामिल नहीं है वहाँ वैसे ही भीड़ ज़्यादा नहीं रहती और इस हॉकी मैच में जो थे भी वे भारत का समर्थन करते नज़र आ रहे थे.भारतीय टीम जब-जब जापान पर आक्रमण करती भीड़ उत्साहित हो जाती, तालियाँ बजाती और जैसे ही गोल चूक जाते वैसे ही भीड़ से ओह की आवाज़ें आतीं. मुझे लगा कि भारत के इतने समर्थक चीनी लोग कहाँ से आ गए पर तभी समझ आया कि दरअसल यहाँ भारत के समर्थक नहीं बल्कि जापान के विरोधी लोग बैठे हुए हैं.जापान और चीन के बीच भी कुछ द्वीपों पर नियंत्रण को लेकर कू[...]






संघ तो कच्चा लोहा हैं जितना गरम करोगे उतना मजबूत होगा

Sun, 14 Nov 2010 10:12:00 +0000

ऐसा पहली बार नहीं हुआ हैं. जब संघ को ऐसी प्रतिक्रिया और आरोप झलने पड़ रहे हैं. वास्तविकता यह हैं की जब राजनितिक पार्टिया संघ को आतंकवादी संगठन कहते हैं तो संघ चुप बैठता हैं. लेकिन जब सोनिया गाँधी को पूर्व सरसंघचालक सुदर्शन जी आपतिजनक शब्द कहते हैं तो पूरा राजनितिक दलों से प्रतिक्रिया आनी शुरू हो जाती हैं. हिंदुस्तान में हिन्दू समाज का सबसे बड़ी हितैसी संघ को और बहुत कुछ सहना हैं. संघ को समझने वाले संघ को जानते हैं. संघ क्या कर रहा हैं. अगर आतंकवादी पैदा करता तो आज अटल बिहारी से लेकर गडकरी तक आतंकवादी होते. लेकिन ऐसा नहीं हैं. संघ को पहले समझे फिर प्रतिक्रिया दे. वर्तमान सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने भी कहा हैं की जिन्हें संघ को लेकर कोई भी संका हैं वो एक दिन के लिए संघ की शाखा पर आये. कुछ प्रतिक्रिया मैंने संकलन किये हैं. इन्हें पढ़े...सोनिया से मांफी मांगें केसी सुदर्शन : लालू सोनिया गांधी पर सुदर्शन का बयान आधारहीन : कांग्रेस ऐसी भाषा बोलने वाले लोग पाप के भागीदार हैं : अशोक गहलोत सर न उठा पाये संकीणसंघः कांग्रेस महासचिव और मीडिया विभाग के जनार्दन द्विवेदी आपत्तिजनक टिप्पणियों से न केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रमुख का कद घटा, बल्कि संघ की प्रतिष्ठा को नुकसान भी पहुंचा है : केएन गोविंदाचार्य सुदर्शन अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं : सिंधिया[...]



पूर्व आरएसएस प्रमुख सुदर्शन का पुतला जलाते कांग्रेस नेता झुलसे

Sun, 14 Nov 2010 10:07:00 +0000

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व प्रमुख के. सी. सुदर्शन का पुतला जलाते समय नगर कांग्रेस अध्यक्ष अजय गुप्ता झुलस गए।

पुलिस के अनुसार कार्यकर्ताओं के साथ श्री गुप्ता श्री सुदर्शन का पुतला जलाने चौराहे पर पहुंचे। पुतले पर पेट्रोल डालते समय कुछ छीटें उनके कपडों पर पड़े। पुतला जलाते समय उनके कपड़ों नें भी आग पकड़ ली जिससे वह झुलस गए।

उल्लेखनीय है कि आरएसएस के पूर्व प्रमुख के सी सुदर्शन ने सोनिया गांधी के खिलाफ अपशब्द कहे थे, जिसके बाद से वे कांग्रेसियों के निशाने पर हैं।(image)






ये खबरे मीडिया में क्यूँ नहीं आती

Mon, 27 Sep 2010 20:49:00 +0000

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Pictorial message of Deganga for the secularist politician, media and the intelligentsia of India.


Deganga Riot Pics – September 2010
Below are the pictures of the Deganga Riots collected by the Hindu Samhati Investigation team.(image)



इस्लाम न तो धर्म है औऱ न ही संप्रदाय

Mon, 09 Aug 2010 12:06:00 +0000

इस्लाम न तो धर्म है औऱ न ही संप्रदाय ,इसके पूरे संदर्भ मैं ये एक संपूर्ण 100 प्रतिशत जीवन जीने का एक तरीका है.इस्लाम मैं धार्मिक,कानूनी,राजनीतिक,आर्थिक सामाजिक व सामरिक पहलू है.किसी भी देश मैं इस्लामी करण का प्रारंभ होता है जब पर्याप्त मात्रा मैं मुस्लिम जनसंख्या होती है और वे इसके लिए उग्रता दिखाने की स्थिति मैं होते हैं और जब राजनीतिक रूप से जागरूक और सहनशील समाज मुस्रलिमों की कुछ धार्मिक बातों को मान लेते हैं तब उनकी कुछ और मांगें धीरे से आगे आजाती है…….ये किस तरह काम करता है…. उस देश मैं हो जब तक मुस्लिम जनसंख्या 2 प्रतिशत या कम हो तो मुस्लिम समाज एक शांतिप्रिय समाज है जो किसी भी प्रकार से अन्य नागरिकों के लिए खतरा नहीं दिखाई देता है जैसा कि ….United States -- Muslim 0.6%,Australia -- Muslim 1.5%,,canada -- Muslim 1.9%,China -- Muslim 1.8%,Italy -- Muslim 1.5%,Norway -- Muslim 1.8%जब ये जनसंख्या 2-5 प्रतिशत तक पहुंच जाती है तब धर्मांतरण प्रारंभ होता है,जो अक्सर अन्य धर्म के अल्पसंख्यकों और जैलों मैं अलग थलग पङे लोगों से होता है ….जैसा कि निम्नांकित है…..Denmark -- Muslim 2%,Germany -- Muslim 3.7%,United Kingdom -- Muslim 2.7%,Spain -- Muslim 4%,Thailand -- Muslim 4.6%,प्रतिशत से ज्यादा होने पर ये अपनी जनसंख्या के अनुपात से ज्याद मांगे रखना शुरु कर देते है……जैसे वे हलाल के मांस की मांग करेंगे एक तरह से जोब सिक्यूरिटी हो गई मुस्लिमों की खाने की इंडस्ट्री मैं…..सुपरमार्केट्स पर हलाल के मांस के अलग स्टाल लगाने का दबाव बनाया जाता है अन्यथा उनके बहिष्कार की धमकियां दी जाती हैजैसा कि निम्न देशों मैं हो रहा है……France -- Muslim 8%,Philippines -- Muslim 5%,Sweden -- Muslim 5%,Switzerland -- Muslim 4.3%,The Netherlands -- Muslim 5.5%,Trinidad & Tobago -- Muslim 5.8%और अब समय आता है जब वे सरकार से ऐसे [...]



'पब्लिसिटी स्टंट था जूलिया का हिन्दू बनना'

Sun, 08 Aug 2010 12:51:00 +0000

न्यूयॉर्क.रिचर्ड गेर अगर समर्पित बौद्ध हो सकते हैं, जो समय-समय पर धर्मशाला में तिब्बत के मसले के लिए नमूदार हो सकते हैं, तो जूलिया के साथ क्या बात है? क्या ‘ईट, प्रे, लव’ की शूटिंग के दौरान जूलिया की हिंदुत्व की खोज बहुत दूर की कौड़ी है? फैसला आ चुका है। अमेरिकी मीडिया ने खबर को तवज्जो नहीं दी, तो वहां के हिंदू संगठन जूलिया को गले लगाने आ चुके हैं। बता दें कि ‘एल’ मैगजीन को दिए ताजा साक्षात्कार में जूलिया ने हिंदू होने का ऐलान किया है। उसने बताया कि वह पति के साथ मंदिरों में प्रार्थना, मंत्रोच्चार करने जाती हैं। हिंदुओं के पुनर्जन्म के सिद्धांत के बारे में भी जूलिया की सोच साफ है। उन्होंने कहा कि इस जिंदगी में उनकी जीवनशैली काफी खराब रही है, अगले जन्म में वह बेहद शांत और धीर होंगी। एक बैप्टिस्ट कैथोलिक जूलिया के धर्मातरण पर आलोचनाओं के तीर मुखर हैं। ब्लॉग पर कई ने उनके हिंदू बनने को केवल फिल्म की पब्लिसिटी का माध्यम माना है।अमेरिका में इसी माह यह फिल्म रिलीज होगी। रॉबर्ट ने साक्षात्कार में कर्मणा हिंदू होने की बात करते हुए बोटॉक्स की निंदा भी की। उन्होंने कहा, ‘यह सचमुच सदमे की बात है कि हम ऐसी घबराए और दुखी दुनिया में रह रहे हैं जहां महिलाओं को यह मौका भी नहीं मिलता कि वे बुजुर्ग होने पर कैसी दिखेंगी? मैं तो यह जानना चाहती हूं कि नई शुरुआत से पहले मैं कैसी दिखूंगी? मैं अपने बच्चों को बताना चाहती हूं कि मैं कब दुखी हूं, कब खुश और कब खुद में व्यस्त। यह एक कहानी की तरह है और इसकी शुरुआत डॉक्टर के पास जाने से तो नहीं ही होनी चाहिए।’ वैसे, इस सितारे के हि[...]



आसिफ अली जरदारी की बेटी और बेटे की तश्‍वरी

Wed, 04 Aug 2010 20:05:00 +0000

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आसिफ अली जरदारी लंदन के हिर्थो एयरपोर्ट पर अपने बेटे बिलावल और बेटी आसिफा के साथ
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हिंदू, गैर मुस्लिम, या फिर काफिर?

Wed, 04 Aug 2010 11:57:00 +0000

हिंदू, गैर मुस्लिम, या फिर काफिर? पाकिस्तान में हाल ही में हुई विमान दुर्घटना में मरने वालों में से एक, प्रेमचंद के शव की शिनाख्त के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है।हिंदू में छपी एक खबर के मुताबिक प्रेमचंद को औरों से अलग दिखाने के लिए उनके ताबूत पर लिखा गया 'काफिर'।सिंध के संघार प्रांत के रहने वाले, सामाजिक कार्यकर्ता 25 वर्षीय प्रेमचंद युवा संसद के छह प्रतिनिधियों में से एक थे जो कराची से इस्लामाबाद जा रहे थे। यह विमान मारगाला पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हुआ।विमान में सवार सभी 152 लोगों की मौत हो गई थी।एकमात्र हिंदू : प्रेमचंद एकमात्र हिंदू थे जो इस विमान में सवार थे। सभी मृतकों के शव अलग-अलग ताबूतों या कॉफिन में बंद थे और प्रेमचंद के ताबूत पर उन्हें अलग दिखाने के लिए काफिर शब्द लिखा हुआ था।यह खबर बाहर आते ही उनके मित्र और अन्य लोगों में आक्रोश उमड़ उठा।युवा संसद के एक सदस्य मुनीब अफजल का कहना था, 'यदि शव की पहचान गैर-मुस्लिम या हिंदू के तौर पर की जाती तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होती। लेकिन काफिर यानी आस्था न रखने वाला...यह तो बेहद अपमानजनक है।'वेबसाइट पाकिस्तानियत डॉट कॉम पर लोगों ने जम कर इस बात का जिक्र किया और अपना विरोध दर्ज कराया। हालाँकि कुछ टिप्पणयाँ ऐसी भी थीं कि एक जरा सी भूल को तिल का ताड़ बना कर पेश किया जा रहा है।प्रेमचंद के मित्रों ने उन्हें एक राष्ट्रभक्त पाकिस्तानी बताते हुए उनके इस निरादर की कठोर शब्दों में आलोचना की।प्रेमचंद [...]



संघ के पूर्व प्रचारक की मौत

Thu, 29 Jul 2010 19:24:00 +0000

(image) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक धीरेंद्र शुक्ला की लखनऊ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

धीरेंद्र का शव लखनऊ के माल एवेन्यू स्थित उनके फ्लैट में मिला। धीरेंद्र बाराबंकी में संघ के प्रचारक थे, लेकिन पिछले एक साल से वह संघ के मुख्यालयों पर संघ के साहित्य की सप्लाई का काम करते थे।बताया जा रहा है कि रविवार रात को धीरेंद्र की उनके परिजनों से बात हुई थी। उसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया था।दो दिन बाद उनके परिजन जब लखनऊ पहुंचे तो उनके फ्लैट का गेट अंदर से बंद था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस ने आकर दरवाजा तोड़ा, तो धीरेंद्र मृत पाए गए। धीरेंद्र के शव के पास से सल्फास की गोलियां और सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।

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पाकिस्तान में हिंदुओं पर हमला

Mon, 12 Jul 2010 13:38:00 +0000

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक हिंदू लड़के ने एक मस्जिद के बाहर लगे कूलर से पानी पी लिया, जिससे नाराज प्रभावशाली कबाइलियों ने हमले किए और अनेक हिंदू परिवारों को घरबार छोड़कर भागना पड़ा। कराची में मेमन गोथ में हाल ही में तकरीबन 60 हिंदू मर्द, औरत और बच्चे घर छोड़कर उस वक्त भागने के लिए बाध्य हुए जब इलाके के प्रभावशाली कबाइलियों ने एक कूलर से एक हिंदू बच्चे के पानी पीने पर एतराज जताया।मीरूमल ने पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक द न्यूज को बताया कि खेतों में मुर्गियाँ चराने वाले मेरे बेटे दिनेश ने एक मस्जिद के बाहर लगे कूलर से पानी पी लिया तो जैसे कयामत टूट पड़ी। उसे ऐसा करते देख इलाके के लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। उसने बताया कि बाद में, करीब 150 कबाइलियों ने हम पर हमला किया और हमारे सात लोगों- सामो, मोहन, हीरो, चानू, सादू, हीरा और गुड्डी को घायल कर दिया। उन्हें जिन्ना अस्पताल ले जाया गया।घायलों में से एक हीरा का कहना है कि तकरीबन 400 हिंदू परिवारों को इलाका खाली करने के लिए धमकी दी जा रही है। हीरा ने कहा कि हमारे लोग घर से बाहर निकलते हुए भी घबरा रहे हैं। हमें डर है कि घर लौटने पर हमारी हत्या हो सकती है, इसलिए हम गंदे गोशाला में रह रहे हैं। हीरा भी एक गोशाला में रह रहा है।मेमन गोथ पुलिस थाने के प्रमुख ने बताया कि एक मामूली-सी घटना पर लोगों के बीच दंगा हो गया। चूँकि दोनों समुदाय पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए मामले ने तूल पकड़ लिया।बहरहाल, उन्होंने इन दावों को खारिज कर दिया कि इलाके में हिंदू समुदाय के लिए सुर[...]